ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र – (2024) पूरी जानकारी हिंदी में

नमस्कार दोस्तों आज हम इस लेख के माध्यम से आपको ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गुरु गोरखनाथ जी को गौरक्षक नाथ जी के नाम से भी जाना जाता था

उनका यह नाम गायों की रक्षा करने एवं उनका पालन पोषण करने से पड़ा था आज हम इस लेख में गोरखनाथ मंत्र के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे मंत्र एक ऐसा ज्ञान है जिसके माध्यम से हम कहीं उपलब्धियां प्राप्त कर सकते हैं अगर कोई व्यक्ति चाहे तो मंत्र के माध्यम से भगवान को भी प्राप्त कर सकता है

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ

मंत्र बहुत शक्तिशाली होते हैं प्राचीन समय में मंत्र के माध्यम से अनेक कार्य किए जाते थे यहां तक की लोगों की बीमारियों को भी सिर्फ मंत्र के माध्यम से ठीक कर दिया जाता था वेद और पुराण में भी मंत्र को बहुत शक्तिशाली बताया गया है अगर आप ओम शिव गुरु गोरखनाथ है

मंत्र का निरंतर जाप करते हैं तो आपको भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है और इसके माध्यम से आप अपने मां के किसी भी मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं तो आईए जानते हैं ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र गोरखनाथ मंत्र के बारे में विस्तार से

ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र

ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र

गुरु गोरखनाथ बीज मंत्र – 1. “ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः”   2. ॐ शिव गोरक्ष    3. ॐ श्री शिवरावरूप गोरक्षये नमः

गोरखनाथ शाबर गायत्री मंत्र

गोरखनाथ शाबर गायत्री मंत्र

ॐ गुरुजी सत नमः आदेश।

गुरुजी को आदेश।

ॐकारे शिवरुपी मध्याह्ने हंसरुपी सन्ध्यायां साधुरुपी।

हंस परमहंस दो अक्षर।

गुरु तो गोरक्ष काया तो गायत्री।

ॐ ब्रह्म सोऽहं शक्ति शून्य माता अवगत पिता विहंगम जात अभय पन्थ सूक्ष्मवेद असंख्य शाखा अनन्त प्रवर निरञ्जन गोत्र त्रिकुटी क्षेत्र जुगति जोग जलस्वरुप रुद्रवर्ण।

सर्व देव ध्यायते। आए श्री शम्भुजति गुरु गोरखनाथ।

ॐ सोऽहं तत्पुरुषाय विद्महे शिव गोरक्षाय धीमहि तन्नो गोरक्षः प्रचोदयात्।

ॐ इतना गोरख-गायत्री-जाप सम्पूर्ण भया।

गंगा गोदावरी त्र्यम्बक-क्षेत्र कोलाञ्चल अनुपान शिला पर सिद्धासन बैठ।

नवनाथ चौरासी सिद्ध अनन्त-कोटि-सिद्ध-मध्ये श्री शम्भु-जति गुरु गोरखनाथजी कथ पढ़ जप के सुनाया।

सिद्धो गुरुवरो आदेश आदेश।।

ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र साधना विधि:

ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र साधना विधि:

अगर आप गुरु गोरखनाथ जी के मूल मंत्र की सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको होली दीपावली और महाशिवरात्रि इन त्यौहार में से एक त्यौहार के मुहूर्त का चयन करना है आप होली या दीपावली में से किसी एक को चुन सकते हैं

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता मंत्र

जिस त्यौहार का अपने चयन किया है उसे त्यौहार के दिन रात में गुरु गोरखनाथ जी की तस्वीर सामने रखकर उसके आगे दीपक जलाना होगा और अगरबत्ती और नारियल रखना होगा

इसके बाद अच्छा सा भोग बनाकर गुरु गोरखनाथ की तस्वीर के सामने रख देना है  यह कार्य करते समय आपको लंगोट और 5 मीटर का केसरिया वस्त्र  जरूर चढ़ाना है

सुंदरकांड की 11 चौपाई

यह सभी कार्य पूर्ण होने के बाद अपने हाथ में रुद्राक्ष की माला लेकर 108 बार पूरी श्रद्धा के साथ मंत्र जाप करना है मंत्र जाप करते समय यह दान रखें कि आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए
यह कार्य अगर आप पूरे भक्ति भाव से करते हैं तो आपको गुरु गोरखनाथ जी की सिद्धि प्राप्त हो जाती है इस प्रकार आप इस मंत्र की सिद्धि बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं

ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र के लाभ

ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र के लाभ

अगर आप ओम शिव गुरु गोरखनाथ मंत्र का जाप करके इसको सिद्ध कर लेते हैं तो आप कहीं प्रकार की असाध्य बीमारियों को ठीक करने में सफल हो जाएंगे इस मंत्र का निरंतर जाप करने से आपको गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन हो सकते हैं यह मंत्र सिद्ध करने के बाद आपकी वाणी भी सिद्ध हो जाएगी

जिससे आप जिस कार्य की सफलता के लिए बोल देंगे उसे कार्य के सफल होने के अवसर अधिक बढ़ जाएंगे जो इस मंत्र को सिद्ध कर लेता है वह व्यक्ति कभी भी अकाल मृत्यु को प्राप्त नहीं होता है

निष्कर्ष

हमारे द्वारा इस लेख में आपको ॐ शिव गुरु गोरखनाथ नमः मंत्र की जानकारी प्रदान की गई है इसके साथ एक गुरु गोरखनाथ के मंत्र के लाभ एवं साधना विधि के बारे में भी चर्चा की गई है

इस मंत्र का जाप करके आप क्या हल कर सकते हैं इन सभी की जानकारी प्रदान की गई है

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